लॉटरी इनाम टैक्स कैलकुलेटर
इनाम की रक़म लिखें और देखें कि पैसा मिलने से पहले कितना टैक्स कटेगा और आख़िर में आपके पास कितना बचेगा। ये नियम 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मिले इनाम पर लागू हैं (आयकर अधिनियम, 2025)।
भारत के निवासी के लिए अनुमान: मान लिया गया है कि इस साल आपकी कमाई सिर्फ़ यही इनाम है और आप नई (डिफ़ॉल्ट) टैक्स व्यवस्था में हैं। लॉटरी विभाग जो शुल्क काटता है, वह इसमें शामिल नहीं है। यह टैक्स सलाह नहीं है: बड़े इनाम पर किसी टैक्स विशेषज्ञ से बात करें।
लॉटरी इनाम पर टैक्स कैसे लगता है
लॉटरी इनाम पर सीधा 30% टैक्स लगता है (आयकर अधिनियम, 2025, धारा 194)। यहाँ बेसिक छूट सीमा लागू नहीं होती और टिकट की कीमत जैसा कोई ख़र्च घटाया नहीं जा सकता (धारा 94(4))।
एक इनाम ₹10,000 से ज़्यादा हो तो भुगतान से पहले पूरे इनाम का 30% काट लिया जाता है (धारा 393(3), तालिका क्रम 1)। भारत के निवासियों के लिए इस समय ठीक 30% ही कटता है, सेस या सरचार्ज नहीं जुड़ता।
रिटर्न भरते समय क्या देना होता है
30% के ऊपर 4% स्वास्थ्य और शिक्षा सेस लगता है, इसलिए ज़्यादातर विजेताओं का कुल टैक्स 31.2% होता है।
कुल आय ₹50 लाख से ज़्यादा हो तो सरचार्ज जुड़ता है: नई व्यवस्था में ₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15% और ₹2 करोड़ से ऊपर 25% (पुरानी व्यवस्था में ₹5 करोड़ से ऊपर 37%)। हर सीमा के ठीक ऊपर मार्जिनल रिलीफ़ सरचार्ज कम कर देता है।
भुगतान के समय सिर्फ़ 30% कटता है, इसलिए बड़े इनाम के विजेताओं को आम तौर पर सेस और सरचार्ज बाद में देना पड़ता है। इसे एडवांस टैक्स या सेल्फ़-असेसमेंट टैक्स के रूप में जमा करें और रिटर्न में इनाम दिखाएँ।
उदाहरण: ₹1 करोड़ का इनाम
भुगतान से पहले 30% कटौती: ₹30,00,000, यानी आपको ₹70,00,000 मिलते हैं। रिटर्न के समय: 10% सरचार्ज ₹3,00,000 और 4% सेस ₹1,32,000। कुल टैक्स ₹34,32,000, आख़िर में आपके पास ₹65,68,000।
सरकारी स्रोत
20.10.2026 को इन दस्तावेज़ों से मिलाकर जाँचा गया।